Home » साहित्य
Default Pearlie Image

शुभकामना

posted by

आ“सू और प्रश्न: आँखों की ग्रन्थियों से बहते हैं आँसू निकल कर साफ करते है आँसू कभी सोचा है, क्यों बहते हैं आसू...
Image

छोटी बेटी

posted by

लघुकथा यों तो वह घर की छोटी बेटी थी। उम्र अभी केबल १२ वर्षकी ही थी। परन्तु बड समझदार हो गई...
Default Pearlie Image

बालाजी से क्या-क्या मैंने मागा
मुकुन्द आचार्य

posted by

वैसे तो किसी से कुछ भी माँगने में मुझे शरम आती है। -इससे प्रमाणित होता है कि मैं अभीतक बेशरम...
Image

ब्राह्म मुहर्त और हमारा शरीर:-रवीन्द्र झा शंकर’

posted by

प्रातः लगभग चार बजेसे सूर्योदयतक का समय ब्राहृम मुहर्त कहलाता है। ब्राहृम मुहर्ूतका भावार्थ है भगवान का समय। पूरे दिन...
Default Pearlie Image

यदि रामचन्द्र जनकपुर नहीं आते

posted by

यदि रामचन्द्र जनकपुर नहीं आते यदि रामचन्द्र जनकपुर नहीं आते तो क्या भगवान राम बन पाते - बनकर कौशल्या-दशरथ नन्दन भाई भरत, लक्ष्मण और...
Default Pearlie Image

साहित्यिक र्सर्वे !
मुकुन्द आचार्य

posted by

सरकार को जब कभी तथ्यांकों की जरुरत आन पडती है, वह आँख मूँदकर र्सर्वे करती/कराती है। वर्षों से मेरे मन...
Default Pearlie Image

वैश्विक सेतु-बंध की भाषा हिन्दी
कुमार सच्चिदानन्द

posted by

मानव-सभ्यता के इतिहास में सबसे महत्वपर्ूण्ा था - भाषा का आविष्कार। इसके द्वारा मनुष्य ने न केवल सम्प्रेषण के माध्यम...
Default Pearlie Image

कलियुगी मानव के एक मात्र तारणहार महादेव
रमेश झा

posted by

सब युगों में कलियुग एक ऐसा युग है, जिस में मानव सब काम अमर्यादित, अविचारित, अविवेकपर्ूण्ा तरीके से करता है।...
Default Pearlie Image

तुम हो, सिर्फतुम हो !

posted by

तुम हो, सिर्फतुम हो ! वीरेन्द्रप्रसाद मिश्रा कोई माने या नमाने, पर तुम हो, तुम कौन हो यह कह नहीं सकता पर इतना कह...
व्रि्रोही सन्त  कवि <br>रामहरि जोशी

व्रि्रोही सन्त कवि
रामहरि जोशी

posted by

कबीर दास का जन्म वि.सं. १४५५ को काशी में एक जुलाहा परिवार में हुआ था। उनका जन्म ऐसे समय में...
ePaper
Powered By Indic IME