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गद्दाफी कैसे मारे गए

 

मुअम्मर गद्दाफी की मौत कैसे हालात में हर्इ ये तस्वीर अभी तक साफ नहीं हो सकी है लेकिन मिल रही जानकारी के अनुसार गद्दाफी के सिर्त में आखीरी चंद घंटों की तस्वीर बनाने की कोशिश हो रही है। इसी साल अगस्त में त्रिपोली में सरकार गिरने के बाद, लीबियाई नेता गद्दाफी का गृहनगर सिर्त ही उनका और र्समर्थकों का आखीरी गढ था। हालाँकि, यह कयास लगाए जाते रहे हैं कि गद्दाफी लीबिया के किसी दक्षिणी भाग में छिपे हैं लेकिन यह बात बाद में साफ हो गई कि मुअम्मर गद्दाफी अपनी बची-खुची सेना की सुरक्षा में सिर्त में ही थे। पिछले ज्ञछ दिनों में लीबिया के अंतरिम सरकार के सैनिकों ने सिर्त पर हमले तेज करके गद्दाफी के वफादारों की सेना को पीछे धकेल दिया था। ताजा मिली जानकारियों के मुताबिक लीबिया के उत्तर-पश्चिम में स्थित डिस्टि्रक्ट-२ में गद्दाफी के आखीरी कुछ र्समर्थकों के गुट छिपे थे। पता चला है कि कर्नल गद्दाफी अपने कुछ करीबियों के साथ वाहनों के काफीले में भागने की कोशिश कर रहे थे। इस काफीले में सेना प्रमुख अबू बकर यूनिस जब्र और गद्दाफी के बेटे मुत्तस्सिम भी थे जिन्होने अंतरिम सरकार के सैनिकों से लडÞने की कोशिश भी की थी।
हवाई हमले और धरपकडÞ
स्थानीय समयानुसार सुबह आठ बजकर तीस मिनट पर नैटो सेना की ओर से लडÞ रहे प|mांसीसी लडÞाकू विमानों ने गद्दाफी के काफीले पर हमला कर दिया। उस वक्त काफीला सिर्त से तीन-चार किलोमीटर की दूरी पर ही था। समाचार एजेंसी राँयर्टस ने सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि इस हमले में कम से कम ज्ञछ हथियारबंद छोटे ट्रक तबाह हो गए। हवाई हमलों के बाद कर्नल गद्दाफी और उनके कुछ र्समर्थक भागकर पास के ही कूडÞे-करकट से भरे दो सीवर पाइपलाइनों में छुप गए। विद्रोहियों की सेना ने इस जगह को निशाना बनाकर हमला शुरू कर दिया। एक विद्रोही सैनिक सलीम बकीर ने राँयर्टस को दिए अपने एक बयान मे कहा है, ‘गद्दाफी और उनके साथियो पर पहले विमानभेदी बंदूकों से हमला किया गया जिसका ज्यादा फायदा नही हुआ।’ सैनिक ने कहा, ‘इसके बाद विद्रोहियों की सेना पैदल आगे बढÞने लगी और तभी गद्दाफी का एक सुरक्षाकर्मी हवा में बंदूक लहराता हुआ बाहर आया और विद्रोहियों के ऊपर गोलियां चलाने लगा।’ बाकिर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि गद्दाफी ने उसे रुकने को कहा होगा। सैनिक बोल रहा था – मेरे मालिक यहाँ है, मेरे मालिक यहाँ है। मुअम्मर गद्दाफी यहाँ है और घायल हैं।’र्
कर्नल गद्दाफी को गंभीर चोटों के साथ गुरूवार की दोपहर में पकडÞ लिया गया था। बाद में समाचार चैनल अल-जजीरा ने एक वीडियो दिखाया जिसमें बुरी तरह से घायल गद्दाफी विद्रोही सैनिकों के साथ दिखे। इसके बाद क्या हुआ यह तस्वीर साफ नही हो पाई है। अंतरिम सरकार के प्रधानमंत्री महमूद ज्रि्रील ने कहा, ‘फोरेन्सिक जाँच से पता चला है कि गद्दाफी की मौत गोली लगने से हर्ुइ है।’ ज्रि्रील ने कहा है कि अंतरिम सरकार के सैनिक गद्दाफी को पकडÞकर अपने साथ ले गए और इसका गद्दाफी ने कोई विरोध नहीं किया था। प्रधानमंत्री का कहना था, ‘जब घायल गद्दाफी और सैनिकों की गाडÞी आगे बढÞ रही थी तब, गद्दाफी र्समर्थकों और विद्रोहियों के बीच गोलीबारी में गद्दाफी के सिर में गोली लग गई।’ ज्रि्रील के मुताबिक मुअम्मर गद्दाफी को किसकी गोली लगी थी यह फोरेन्सिक डाँक्टर बता पाने में अर्समर्थ हैं। उनका कहना है कि गद्दाफी की अस्पताल पहुँचने से चंद मिनट पहले ही मौत हो गई थी।
प्रत्यक्षदर्शी होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने बीबीसी को बताया कि गद्दाफी को दोपहर करीब साढÞे बारह बजे नौ एमएम की बंदूक से उनके सामने गोली मारी गई। लीबिया की अंतरिम सरकार के एक अधिकारी अब्दुल माजिद मे राँयर्टस को बताया, ‘गद्दाफी के दोनों पैरों मे घाव थे और भारी गोलीबारी के बीच उनके सिर में गोली लग गई थी जिससे उनकी मौत हो गई।’
गद्दाफी का शव
मुअम्मर गद्दाफी के मृत शरीर का वीडियो फुटेज जल्द ही विद्रोहियों के पास पहुँचने लगा। अल-जजीरा ने बाद में तस्वीरें दिखाईं जिनमें गद्दाफी के शव को जमीन पर घसीटते हुए कुछ लडÞाके दिखाए गए। इस पर अंतरिम सरकार के सूचना मंत्री ने राँयर्टस से बताया कि कर्नल गद्दाफी के शव को मिसराता ले जाया जा रहा था। स्थानीय समयानुसार शाम करीब चार बजकर तीस मिनट पर प्रधानमंत्री ज्रि्रील ने इस ‘बर की पुष्टि कर दी कि कर्नल मुअम्मर गद्दाफी की मौत हो चुकी है। उन्होने कहा, ूलोग इस समय का इंतजार कर रहे थे, गद्दाफी मारे गए हैं।’    ±±±

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