गेट सेट नेट
क्या है कंप्यूटर नेटवर्किंग
कंप्यूटर पर काम करने वाला कोईभी शख्स जान सकता हैकि नेटवर्किग की उसके काम में क्या अहमियत होती है। आप अपने सिस्टिम पर जो कुछ भी काम कर रहे हैं, उसे दूसरे सिस्टम के साथ शेयर करने समेतहर तरह की सूचनाओं का आदान/प्रदान, नेटवर्किग के चलते ही संभव होता है। दूसरे शब्दों में कहें तो नेटवर्किग, बहुत से हार्डवेयर व कंप्यूटर सिस्टम का एक संगठित रूप है, जो एक विशाल क म्यूनिकेशन चैनल से जुडा होता है। इसकी मदद से सूचनाओं व संसाधनों को कई व्यक्ति एक ही समय में एक्सेस कर सकते हैं। काम की प्रकृति के हिसाब से नेटवर्क्स का क्लासीफि केशन भी किया जा सकता है। डेटा ट्रासंपोर्ट, कम्यूनिकेशन प्रोटोकाँल, स्केल, आर्ँगेनाइजेशन स्कोप आदि के अनुसार नेर्टवर्क में र्फक आता रहता हैं।
जरूरत ने बढाए अवसर
आईटी क्षेत्र के बढे महत्व के बीच आम आदमी तेजी से आईटी गतिविधियों से जुड रहा है। इन्कम टैक्स रिर्टन से लेकर व्यापारिक गतिविधियों मेर्ंर् इ अपनी जगह बना रहा है। इसके चलते बिजिनेस टू कस्टमर वेबसाइट्स र्,इ-कार्ँमर्सर्,र् इर्-गर्वनेंस, वर्चुअल प्राइवेट नेर्टवर्क, टेलीकाँम बेस्ड एप्लीकेशन-रिमोट र्सर्विस, आइवीआर -इंटरेक्टिव वाइस रिस्पाँस) आदि तेजी से बढत बना रहे हैं। इस फील्ड में काम कर रहे लोगों के पास अवसरों की फिलहाल कोई कमी नहीं है।
कैसी होती है इंट्री
नेटवर्किग के क्षेत्र में इंट्री के लिए कईतरह के कोर्स उपलब्ध हैं, जिसमें कंप्यूटर सांइस, इलेक्टि्रकल, इलेक्ट्राँनिक्स, टेलीकम्यूनिकेशन आदि में ड्रि्री व डिप्लोमा की जरूरत होती है। कुछ कंपनियां नियुक्ति के पर्ूव कैंडिडेट्स के ग्लोबल र्सर्टिफि केशन को वरीयता देती हैं। एमसीर्एर्सइ, यूनिक्स एडमिन, लाइनेक्स एडमिन सीर्एनई, सीसीएनए, सीसीडीए, सीसीआइपी नेटवर्किग के सबसे लोकप्रिय ग्लोबल र्सर्टिफि केशन हैं। इन कोर्सर्ाामें इंट्री के लिए अमूमन १०ं२ -किसी भी स्ट्रीम) से होना आवश्यक है।
काबिलियत दिलाएगी जाँब
कंप्यूटर हार्डवेयर की बढिया नाँलेज कैरियर की नींव है। एक अच्छे कोर्स की मदद से आप इस फील्ड में आँपरेटिंग सिस्टम, माइक्रोप्रोसेसर, कंप्यूटर आर्किटेक्चर, एसेम्बलिंग, डिस९एसेम्बलिंग, इंस्टाँलिग, ट्रबलशूटिंग जैसी चीजें सीख सकते हैं। इन चीजों के जानने के बाद आप नेटवर्कि ंग में अपनी संभावनाएं पुख्ता कर सकते हैं। इसके अलावा पर्सनल स्किल्स की बात की जाए तो आपका टेक्नोसेवी होना, इंग्लिश की नाँलेज, बेहतर कम्यूनिकिशन स्किल्स के साथ जिज्ञासु होना भी आवश्यक हैं। इन पर्सनल क्वालिटीज की मदद से आप चाहें तो किसी संस्थान ही नहीं बल्कि अपना खुद का काम भी प्रारंभ कर सकते हैं।
कैसा है आने वाला कल
भारत भले ही आईटी क्षेत्र में एक महाशक्ति का दर्जा रखता हो, लेकिन यदि बात करें प्रति हजार लोगों पर पीसी की संख्या की तो हम विकसित देशों की तुलना में पीछे हैं। आज यही तथ्य इस क्षेत्र को नईरंगत दे रहा है। कहने का अर्थ यह है कि अभी भी इस क्षेत्र में अवसरों की बडी भूमि खाली पडी है, जहां आप चाहें तो अपने लायक अवसर खंगाल सकते हैं। उस पर देश में बढते आईटी व हार्डवेयर प्रोफेशनल्स, भारतीय व विदेशी कंपनियों की मौजूदगी, बेहतर सरकारी प्रावधानों ने यहां कैरियर का स्कोप काफी बढÞाया है।
टाइप आँफनेर्टवर्क
दूरी व स्थान के अनुसार नेर्टवर्क में र्फक आते रहते हैं। मोबाइल से लेकर
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